गाज़ीपुर में होम्योपैथी समारोह के दौरान डॉक्टरों द्वारा मरीजों का मुफ्त इलाज करते हुएगाज़ीपुर के महाराणा प्रताप भवन में आयोजित होम्योपैथी समारोह में डॉक्टरों ने 278 मरीजों को मुफ्त इलाज और परामर्श दिया

उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर में पूर्वांचल में होम्योपैथी के क्षेत्र का अब तक का सबसे भव्य आयोजन गाज़ीपुर के तुलसीपुर स्थित महाराणा प्रताप भवन में आयोजित किया गया, जहां लगभग 75 से अधिक चिकित्सकों ने भाग लिया और 278 से ज्यादा मरीजों को निशुल्क परामर्श व दवा दी गई। यह आयोजन डॉ. सैमुअल हैनिमैन के जन्मोत्सव के अवसर पर द होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश की गाज़ीपुर सेवाश्रम यूनिट एवं मेन यूनिट द्वारा किया गया।

पूर्वांचल के चिकित्सकों का बड़ा समागम

इस समारोह में वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, चंदौली और गाज़ीपुर समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में चिकित्सक पहुंचे। गाज़ीपुर जिले से भी लगभग दो दर्जन डॉक्टरों की भागीदारी रही। कार्यक्रम के दौरान एक विशाल मल्टी-डिसिप्लिन मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें एलोपैथी, आयुर्वेद, डेंटल और होम्योपैथी सभी चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों ने मिलकर मरीजों का इलाज किया।

एलोपैथिक चिकित्सा में डॉ. स्वतंत्र सिंह, डॉ. जे.एस. राय, डॉ. वरुण नागवंशी, डेंटल में डॉ. मनीष राय, आयुर्वेद में डॉ. आनंदपुरी और होम्योपैथी में डॉ. सूर्य नागवंशी सहित अन्य चिकित्सकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस दौरान मरीजों की ब्लड प्रेशर और शुगर जांच कर उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह भी दी गई।

विशेषज्ञों ने होम्योपैथी की उपयोगिता पर रखा जोर

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाज़ीपुर के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा कि होम्योपैथी उनकी पसंदीदा चिकित्सा पद्धति है और इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि हर चिकित्सा पद्धति का अपना महत्व है और सही तरीके से उपयोग करने पर असाध्य रोगों में भी लाभ संभव है।

उप प्राचार्य डॉ. नीरज पांडे ने विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि यदि सभी चिकित्सक ईमानदारी से काम करें तो मरीजों के उपचार में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। वहीं वाराणसी से आए पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह ने इस संयुक्त आयोजन की सराहना करते हुए इसे मानवता के लिए लाभकारी कदम बताया।

होम्योपैथी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास

जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. अच्छे लाल और वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एन. गुप्ता ने होम्योपैथी की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए इसे जड़ से रोग खत्म करने वाली प्रभावी पद्धति बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. भक्त वत्सल (आजमगढ़) ने कहा कि यह आयोजन पूर्वांचल में होम्योपैथी जागरूकता का बड़ा प्रयास है।

मऊ से आए डॉ. विपुल राय ने डॉ. सैमुअल हैनिमैन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवता की सेवा का संदेश हमें उनसे मिलता है। वहीं डॉ. उमेश सिंह ने होम्योपैथी की गूढ़ चिकित्सा प्रणाली को विस्तार से समझाया।

भव्य सम्मान समारोह और व्यापक सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। गाज़ीपुर के इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. स्वतंत्र सिंह ने कहा कि वे कई मामलों में मरीजों को होम्योपैथी के लिए रेफर करते हैं। जॉइंट मेडिकल फोरम के अध्यक्ष डॉ. जे.एस. राय ने सभी चिकित्सा पद्धतियों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

इस आयोजन में गाज़ीपुर के कई चिकित्सक जैसे डॉ. रामकृत यादव, डॉ. नीलम यादव, डॉ. उमेश कुशवाहा, डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. श्याम लाल यादव, डॉ. विजय बहादुर जायसवाल, डॉ. सी.एल. गुप्ता, डॉ. प्रहलाद, डॉ. ए.के. त्रिपाठी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. पार्थ सारथी गुप्ता, डॉ. संतोष जायसवाल, डॉ. रजनीकांत वर्मा, डॉ. शमीम अहमद, डॉ. शाहिद जमाल, डॉ. दुर्गेश सिंह, डॉ. अजय सिंह, डॉ. ओम प्रकाश सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. सूर्य नागवंशी, डॉ. आनंद गुप्ता, डॉ. विद्या निवास राय, डॉ. एजाज अहमद सहित अन्य शामिल रहे।

साथ ही भारत विकास परिषद, साहित्य चेतना समाज, लाल बहादुर शास्त्री सेवा समिति और व्यापार मंडल समेत कई संगठनों के पदाधिकारियों ने अतिथियों का सम्मान किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सचिव डॉ. डी.पी. सिंह ने आभार प्रकट किया।

(न्यूज़ नुक्कड़ के लिए गाजीपुर से तनवीर खान की रिपोर्ट)

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