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उत्तराखंड स्पेशल: चमोली की इस महिला ने आपदा के वक्त जो किया उसकी देशभर में हो रही तारीफ, अखिलेश यादव महिला को करेंगे सम्मानित

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चमोली आपदा के दौरान उस महिला का सम्मान करने का एलान किया है जिसने जल प्रलय में अपने बेटे की ही नहीं, बल्कि 25 लोगों की भी जान बचाई थी।

चमोली आपदा के दो हफ्ते बाद भी राहत और बचाव का काम पूरा नहीं हो पाया है। आपदा के बाद से अब तक 62 शव निकाले जा चुके हैं। जबकि करीब मानव अंग मिले हैं। अब भी 142 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। रैणी में धौली गंगा और ऋषिगंगा के संगम स्थल पर मलबे में भी खोज की जा रही है। इस बीच उन लोगों की पूरे देश में तारीफ हो रही है जिन्होंने इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद की या फिर आपदा के वक्त अपनी जान की परवाह किये बिना लोगों को मदद का हाथ बढ़ाया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चमोली आपदा के दौरान उस महिला का सम्मान करने का एलान किया है जिसने जल प्रलय में अपने बेटे की ही नहीं, बल्कि 25 लोगों की भी जान बचाई थी। पार्टी की तरफ अखिलेश यादव महिला पांच लाख रुपये से सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने यूपी की बीजेपी सरकार से चमोली हादसे में यूपी के लापता लोगों के परिवारों को 20-20 लाख का मुआवज़ा देने की मांग की है।

आपतो बता दें कि तपोवन में जलप्रलय आई थी उसी दिन सात फरवरी को एनटीपीसी जलविद्युत परियोजना में वाहन चालक का काम करने वाले 27 वर्षीय विपुल कैरेनी बैराज पर काम कर रहे थे। ऋषिगंगा में सैलाब के दौरान विपुल की मां मंगसीरी देवी ने विपुल को फोन कर आपदा के बारे में आगाह किया था। विपुल की मां ने कई बार फोन किया। जिसके बाद विपुल और उनके कई साथी वहां से भागे और उनकी जान बच गई। मंगसीरी देवी की इस तत्परता से करीब 25 लोगों की जान बच गई थी। विपुल का गांव ऊंचाई पर है। जब सात फरवरी को बाढ़ आई तो मंगसीरी देवी बाहर काम कर रही थीं। अगर मंगसीरी देवी ने धौलीगंगा में सैलाब आने की चेतावनी नहीं दी होती तो विपुल सहित उन 25 लोगों की मौत हो चुकी होती।

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