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यूपी: 5000 प्राथमिक विद्यालयों के विलय का विरोध तेज, शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर दिया धरना

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 5000 प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज (विलय) करने की घोषणा के बाद राज्य भर के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों में भारी आक्रोश है। इस निर्णय के विरोध में शिक्षकों ने व्यापक प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में, बुधवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश के सभी 75 जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालयों पर कब्जा कर धरना प्रदर्शन किया।

गाजीपुर जिले में भी यह विरोध देखने को मिला, जहां 50 से कम छात्र संख्या वाले 104 विद्यालयों को पास के स्कूलों में मर्ज करने के लिए चिह्नित किया गया है। गाजीपुर में शिक्षकों ने बुधवार सुबह से ही बीएसए कार्यालय के सभी कामकाज ठप कर दिए और परिसर में धरना दिया।

गाजीपुर प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि उनका यह विरोध तीन चरणों में चल रहा है।

प्रथम चरण: 30 जून को प्रदेश के 822 ब्लॉकों में अध्यापकों, बंद किए जाने वाले विद्यालयों के छात्रों, अभिभावकों और ग्राम प्रधानों की बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध किया गया।

दूसरा चरण: 6 जुलाई 2025 को एक विशाल ट्विटर अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत करीब 4 घंटे तक #JusticeForSchoolChildren हैशटैग ट्रेंड करता रहा।

तीसरा चरण (वर्तमान): बुधवार से प्रदेश के सभी 75 जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है।

शिक्षक संघ का कहना है कि सरकार की यह विलय नीति छात्रों और शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के पूरी तरह से खिलाफ है। उनका दावा है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करेगा। अध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव ने स्पष्ट किया कि वे इस नीति का अंतिम दम तक विरोध करते रहेंगे।

शिक्षकों का यह प्रदर्शन सरकार पर इस फैसले पर पुनर्विचार करने का दबाव बना रहा है, खासकर जब यह नीति सीधे तौर पर हजारों छात्रों और शिक्षकों को प्रभावित कर रही है।

(गाजीपुर से न्यूज़ नुक्कड़ के लिए इजहार खान की रिपोर्ट)

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