उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक की कई शाखाओं में कंप्यूटर की हार्ड डिस्क और RAM चोरी होने का दावा किया गया है। इस मामले को लेकर को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन उत्तराखण्ड ने बैंक प्रबंधन को पत्र भेजकर तत्काल FIR दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन की ओर से 19 मई 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि बैंक की अलग-अलग शाखाओं में काम करने वाले बाहरी वेंडरों पर कंप्यूटर हार्डवेयर चोरी के आरोप लगे हैं। यूनियन के मुताबिक मामला केवल हार्डवेयर चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बैंक के संवेदनशील डेटा और ग्राहकों की गोपनीय जानकारी पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

डेटा सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
यूनियन ने अपने पत्र में कहा कि कर्मचारियों से मिली शिकायतों के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया। यूनियन ने आशंका जताई कि अगर हार्ड डिस्क गलत हाथों में पहुंची है तो बैंकिंग डेटा और ग्राहकों की निजी जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
पत्र में बैंक प्रबंधन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बैंक की तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।
बाहरी वेंडरों की निगरानी बढ़ाने की मांग
को-ऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन ने बैंक शाखाओं में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई है। यूनियन ने कहा कि बाहरी वेंडरों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पत्र में बैंक की तकनीकी और डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग भी की गई है। यूनियन ने साफ कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इससे बैंक और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

