अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की उर्दू अकादमी को नया निदेशक मिल गया है। डॉ. ज़ुबैर शादाब खान को उर्दू शिक्षकों के पेशेवर विकास केंद्र (Centre for Professional Development of Urdu Teachers – CPDUT) का नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। यह जानकारी खुद एएमयू के कुलपति ने आधिकारिक तौर पर दी है।
डॉ. ज़ुबैर शादाब खान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रक्सहा गांव से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें ये जिम्मेदारी उर्दू भाषा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और शानदार काम को देखते हुए दी गई है। उनकी नियुक्ति की खबर आते ही विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और साहित्य प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कौन हैं डॉ. ज़ुबैर शादाब खान?
डॉ. खान एक जाने-माने शोधकर्ता, लेखक, भाषाविद और लोकप्रिय शिक्षक हैं। उन्होंने उर्दू साहित्य और भाषा पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें कुछ प्रमुख किताबें ये हैं:
- रेडियो ड्रामा: इतिहास, विधा और तकनीक
- उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति
- रेडियो और टीवी: इतिहास और तकनीक
भाषाविज्ञान
इसके अलावा वे कई किताबों के संपादक और सह-लेखक भी हैं। उनके 30 से ज़्यादा शोध लेख हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में छप चुके हैं। उनकी लिखी चीज़ों को अकादमिक दुनिया में बहुत सम्मान और गंभीरता से देखा जाता है।
शिक्षा क्षेत्र में उनकी खास पहचान
डॉ. खान सिर्फ एक लेखक नहीं, बल्कि एक शानदार शिक्षा योजनाकार और शिक्षक प्रशिक्षक भी हैं। उन्होंने शिक्षकों की ट्रेनिंग, पाठ्यक्रम बनाने, मूल्यांकन प्रणाली और परीक्षा प्रणाली में भी अहम भूमिका निभाई है। उनकी सेवाओं को नेशनल टेस्टिंग सर्विस – इंडिया जैसी राष्ट्रीय संस्था ने भी सराहा है।
विश्वविद्यालय और साहित्य जगत में खुशी की लहर
डॉ. खान की नियुक्ति को एएमयू और उर्दू साहित्य दोनों के लिए एक सकारात्मक और गर्व का फैसला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनकी लीडरशिप में उर्दू अकादमी नई सोच, आधुनिक तरीकों और टेक्नोलॉजी से जुड़ी शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ेगी। एएमयू प्रशासन ने उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है और उनके सफल कार्यकाल की उम्मीद जताई है।
(गाजीपुर से न्यूज़ नुक्कड़ के लिए इज़हार खान की रिपोर्ट)

