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उत्तराखंड: 386 इलाकों में कोरोना बरपा रहा कहर, अनलॉक 4 में भी इन इलाकों में जारी रहेगा पूर्ण लॉकडाउन

हर बढ़ते वक्त के साथ भले ही कोरोना की रफ्तार धीमी ना पड़ी हो, लेकिन सरकार लॉकडाउन में लोगों को राहत दे रही है। शनिवार को ही केंद्र सराकर ने अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी की।

जिसमें दिल्ली में मेट्रो चलाने, ओपन सिनेमा घर को खोलने समेत कई दूसरी सेवाओं को चालू करने की इजाजत दे दी है। केंद्र के नोटिफिकेशन के बाद उत्तराखंड में इन सेवाओं को बहाल करने की तैयारी शुरू हो गई है। अनलॉक के चौथे फेज में हालांकि कंटेनमेंट जोन के अंदर आने वाले लोगों को कोई राहत नहीं मिलने वाली है। मतलब कंटेनमेंट जोन के अंदर सख्ती अभी भी बरकरार रहेगी। 30 सितंबर 2020, तक वहा पाबंदियां जारी रहेंगी और इलाके सील रहेंगे।

कौन से इलाके हैं कंटेनमेंट जोन?
प्रदेश के 8 जिलों में कुल 386 इलाके फिलहाल कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन हरिद्वार में हैं। हरिद्वार में कुल 316 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। वहीं रुड़की में 153 और हरिद्वार में 139 कंटेनमेंट जोन इलाके हैं। इसी के साथ लक्सर में 2 और भगवानपुर में फिलहाल 22 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। हरिद्वार में 316 इलाकों को सील किया गया है जिनमें 30 सितंबर तक पाबंदियां जारी रहेंगी। नैनीताल जिले की बात करें तो यहां कुल 25 इलाकों को सील किया गया है जिनमें से 19 इलाके हल्द्वानी में है, लाल कुआं में पांच और चोपरा में एक इलाका कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया है।

राजधानी देहरादून में 12 इलाके पूरी तरह से सील हैं। इनमें से विकास नगर में 5, देहरादून में 4, सदर में 2 और ऋषिकेश में 1 इलाका सील हुआ है। यूएसनगर में कुल 19 इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। जिनमें से खटीमा में 9, किच्छा में 8, जसपुर में 1 और रुद्रपुर भी 1 इलाका कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। बात उत्तरकाशी की करें तो यहां कुल 8 कंटेनमेंट जोन है जो कि भटवाड़ी में है। बागेश्वर में बैजनाथ को कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। वहीं टिहरी में प्रताप नगर में एक कीर्ति नगर में एक और नरेंद्र नगर में 3 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इन सभी इलाकों में अनलॉक 4 में किसी भी तरह की कोई राहत नहीं मिलने वाली है।

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