उत्तराखंड स्पेशल: आपकी लापरवाही है ग्लेशियर के पिघलने की प्रमुख वजह, नहीं संभले तो देखनी पड़ेगी बहुत बड़ी तबाही!
चमोली आपदा के बाद ये सवाल एक फिर प्रमुखता से पूछा जा रहा है कि आखिर इस तरह के डिजास्टर को हम कैसे रोक सकते हैं। तो इसका जवाब है…
चमोली आपदा के बाद ये सवाल एक फिर प्रमुखता से पूछा जा रहा है कि आखिर इस तरह के डिजास्टर को हम कैसे रोक सकते हैं। तो इसका जवाब है…
चमोली में आई प्राकृतिक आपदा के बाद प्रदेश के कई बांधों का पानी रोकने का निर्देश दिया गया था। इसकी वजह थी कि झील का पानी देवप्रयाग में अलकनंदा नदी…
उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा में अब तक 30 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि भी हो चुकी है, जबकि 170 से ज्यादा लोग अभी भी लापता…
देवभूम में रविवार को सैलाब आया था। तब से अब तक 5 दिन बाद भी चारों तरफ बर्बादी ही बर्बादी का मंजर है।
उत्तराखंड में आई तबाही के बाद केंद्र सरकार ने ये फैसला किया है कि अब ग्लेशियर की मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि आने वाली तबाही का पहले ही पता लगा लिया…
चमोली हादसे के तीन बाद भी जिंदगी की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि अब तक 170 लोग लापता है। जिन्हें ढूंढने की कोशिश हो रही है।