- अंकिता भंडारी के माता-पिता, पवन खेड़ा समेत कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, बाद में माता-पिता को छोड़ दिया गया।
- अंकिता के पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
- परिवार की मांग है कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
- राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें समर्थन दिया।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित VIP कनेक्शन की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर जारी प्रदर्शन के दौरान देर रात तनाव बढ़ गया। दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया गया। प्रदर्शनकारी रातभर से अपनी मांगों को लेकर जुटे हुए थे।
कांग्रेस नेता और मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता राष्ट्रपति भवन के सामने शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे, लेकिन देर रात पुलिस उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को वहां से ले जाने लगी। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस को कथित VIP एंगल की जांच करनी चाहिए, वही न्याय की मांग कर रहे परिवार को हिरासत में ले रही है। काजी निजामुद्दीन ने साफ किया कि कांग्रेस इस लड़ाई को जारी रखेगी और दुष्यंत गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती रहेगी।
अंकिता के पिता का 24 घंटे का अल्टीमेटम, मां बोलीं- भूख हड़ताल करेंगे
पुलिस कार्रवाई के बाद अंकिता की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, उनका परिवार अपनी मांग से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें यहां बैठने की इजाजत नहीं दी गई, तो वे अपने घरों में ही भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर के लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
राहुल-प्रियंका ने परिवार से की मुलाकात, कांग्रेस ने दिया समर्थन
इससे पहले बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाया और पार्टी की ओर से पूरा समर्थन देने की बात कही थी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को न्याय के लिए घर से दूर इंडिया गेट पर बैठना पड़ रहा है, जबकि मामले में कथित आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद से नवाजे जाने का सवाल उठ रहा है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और पूर्व बीजेपी नेता के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
हालांकि, अंकिता का परिवार और विपक्षी दल लगातार मामले में कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि कथित VIP एंगल की CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। पुलिस की ताजा कार्रवाई और परिवार के अल्टीमेटम के बाद यह मुद्दा एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में आ गया है।

