कोरोना महामारी ने सभी सेक्टर का बंटाधार कर दिया है। लोग मुश्किल के दौर से गुजर रहे है। लोगों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है।
अल्मोड़ा में कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से परिवहन निगम को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। डिपो में बसों खड़े रहने की वजह से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आलम ये है कि निगम अपने कर्मचारियों को अप्रैल महीने की सैलरी तक नहीं दे पाया है। रोडवेज सेवा शुरू होने के बाद भी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। बसों को सवारियां कम मिल रही हैं। कोरोना की वजह से कम लोग बसों में सफर कर रहे हैं।
अल्मोड़ा डिपो में परिवहन निगम की 53 बसें हैं। ऐसे में यात्रियों के कम मिलने की वजह से बसों का संचालन काफी कम हो रहा है। यही वजह है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी निगम को राजस्व घाटा हो रहा है। रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक जीएस कठैत मुताबिक, 53 बसों में से 27 बसें पर्वतीय मार्गों की है। बाकि 26 बसें मैदानी मार्गों की हैं।
सहायक महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की कमी की वजह से मौजूदा समय में 7 बसें ही संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले इन 53 बसों से 5 लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से औसत आय होती थी, जिससे डेढ़ करोड़ रुपये महीने राजस्व हासिल होता था। अगस्त के महीने में सिर्फ 13 लाख 61 हजार रुपये का ही राजस्व प्राप्त हो पाया है। ऐसे में देखा जाए तो निगम को 1 करोड़ 56 लाख का सिर्फ एक महीने में नुकसान हुआ है।
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