उत्तर प्रदेश

गाजीपुर: नारायना अस्पताल की शानदार पहल, टीबी के 10 मरीजों को ली गोद, बांटी ‘पोषण की पोटली’

उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के सेवराई के दिलदारनगर स्थित नारायना अस्पताल के द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रबंधक राहुल उपाध्याय ने क्षेत्र के करीब 10 टीबी के मरीजों को गोद लेते हुए उन्हें पोषण की पोटली वितरित किया।

इस मौके पर एडिशनल सीएमओ डॉ. रवि रंजन की उपस्थिति में सभी मरीजों को पोषण की पोटली बांटी गई। मरीजों को पोषण की पोटली बांटते हुए एडिशनल सीएमओ डॉक्टर रवि रंजन ने कहा कि टीवी लाइलाज बीमारी नहीं है। इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहाकि टीवी की कुछ खास लक्षण होते हैं जो ध्यान में आते ही नजदीकी सीएससी पीएससी पर उसकी जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से इस रोग के रोकथाम एवं संपूर्ण इलाज के लिए विशेष सुविधा दिया जाता है।

इस मौके पर क्षय रोग विभाग गाजीपुर के जिला समन्वयक डॉक्टर अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि टीवी के मरीज अगर संपूर्ण कोर्स की दवा कर लें तो निश्चित तौर पर यह बीमारी से निजात मिल सकती है। इस मौके पर मौजूद सभी टीवी के मरीजों को चिकित्सीय टीम के द्वारा उचित परामर्श एवं बचाव के उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम में डॉक्टर राजन त्रिवेदी, डॉक्टर अरविंद उपाध्याय, डॉ नीरज नंद जी, राज नारायण यादव, चंदा गुप्ता, गीता मौर्या, सुशील मौर्य, विक्की, राकीब खान, अजीत, विवेक, मालती देवी आदि सहित गणमान्य लोग और हॉस्पिटल स्टाफ मौजूद रहे।

टीबी क्या है?

टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों जैसे किडनी, मस्तिष्क, हड्डियों और लिम्फ नोड्स को भी प्रभावित कर सकता है।

टीबी के लक्षण क्या हैं?

  • लगातार खांसी: तीन सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी, जो सूखी या बलगम के साथ हो सकती है। कभी-कभी खांसी में खून भी आ सकता है।
  • बुखार: खासकर शाम को हल्का बुखार या तेज बुखार रहना।
  • रात को पसीना आना: बिना किसी कारण रात में अधिक पसीना आना।
  • वजन कम होना: बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के अचानक वजन कम होना।
  • थकान और कमजोरी: हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना।
  • भूख कम लगना: भूख में कमी होना।
  • सीने में दर्द: सीने में दर्द या बेचैनी महसूस होना, खासकर गहरी सांस लेने या खांसने के दौरान।
  • सांस लेने में तकलीफ: फेफड़ों के प्रभावित होने के कारण सांस लेने में कठिनाई महसूस होना।
  • ठंड लगना: बार-बार ठंड महसूस होना।

टीबी शरीर के जिस हिस्से को प्रभावित करती है, उसके अनुसार लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं:

  • फेफड़ों की टीबी (पल्मोनरी टीबी): यह सबसे आम प्रकार है और इसमें ऊपर बताए गए सामान्य लक्षण शामिल होते हैं।
  • रीढ़ की हड्डी की टीबी: रीढ़ की हड्डी में दर्द, सूजन और गति में कमी हो सकती है।
  • गुर्दे की टीबी: पेशाब में खून, दर्द या पेशाब करने में कठिनाई हो सकती है।
  • मस्तिष्क की टीबी (टीबी मेनिन्जाइटिस): सिरदर्द, भ्रम, मतली, गर्दन में अकड़न, और गंभीर मामलों में कोमा भी हो सकता है।
  • लिम्फ नोड्स की टीबी: गर्दन, बगल या कमर में सूजी हुई और कोमल गांठें हो सकती हैं।
  • पेट की टीबी: थकान, पेट में सूजन, हल्का दर्द और भूख न लगना।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। टीबी का जल्द निदान और उपचार बहुत महत्वपूर्ण है।

(न्यूज़ नुक्कड़ के लिए गाजीपुर से इजहार खान की रिपोर्ट)

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